ट्रंप के दबाव से झुका पाकिस्तान, तालिबान की कैद से रिहा हुए अमेरिकी-कनाडाई दंपती

आतंकी संगठनों को अपने हितों के लिए इस्तेमाल करने और उन पर कार्रवाई न करने के आरोपों में घिरा पाकिस्तान अब अमेरिकी दबाव के आगे हथियार डालता दिख...

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आतंकी संगठनों को अपने हितों के लिए इस्तेमाल करने और उन पर कार्रवाई न करने के आरोपों में घिरा पाकिस्तान अब अमेरिकी दबाव के आगे हथियार डालता दिख रहा है। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान से संबंधित आतंकी समूह हक्कानी नेटवर्क के कब्जे से अमेरिकी-कनाडाई दंपती को सुरक्षित बचाने में मदद की है। इससे पता चलता है कि पाकिस्तान किस तरह से आतंकवाद के मसले पर अमेरिकी दबाव के आगे झुकते हुए कार्रवाई करने को मजबूर है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को अमेरिकी-कनाडाई दंपति की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की और पाकिस्तान को धन्यवाद कहा। उनकी ओर से जारी बयान में कहा गया कि हमने बॉयले-कोलमैन को पाकिस्तान की मदद से आजाद करा लिया है। हालांकि सुरक्षा कारणों से उन्होंने दंपति के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।

बयान के मुताबिक बंधक रहने के दौरान कोलमैन ने बंधक रहने के दौरान तीन बच्चों को भी जन्म दिया। बता दें कि इन दोनों की रिहाई में पाकिस्तान की ओर से मदद ऐसे वक्त में मिली है, जब कुछ दिन पहले ही पाक के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ की अमेरिका यात्रा के दौरान ट्रंप प्रशासन ने उन्हें आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करने को कहा था। यही नहीं अमेरिका ने चेताया था कि यदि आतंकियों के खिलाफ पाकिस्तान का नरम रवैया बना रहता है तो वह उसके खिलाफ जरूरी ऐक्शन लेने पर विचार करेगा।

आपको बता दें कि हालही में पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ की अमेरिका यात्रा के दौरान ट्रंप प्रशासन ने उन्हें आतंकियों पर कार्रवाई करने को कहा था। जिसके बाद आसिफ ने पाकिस्तान लौटते ही इस बात का ऐलान किया था कि अमेरिका के साथ मिलकर हक्कानी नेटवर्क का सफाया करने के लिए पाकिस्तान प्रतिबद्ध है।

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