आज से और सस्ता हुआ रेस्टोरेंट का खाना, GST पर नहीं चलेगी मुनाफाखोरी

जीएसटी में 200 से भी ज्यादा उत्पादों के रेट घटाने के बाद अब  जीएसटी परिषद मुनाफाखोरों पर श‍िकंजा कसने की तैयारी कर रही है. इसके लिए अगले महीने तक...

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जीएसटी में 200 से भी ज्यादा उत्पादों के रेट घटाने के बाद अब  जीएसटी परिषद मुनाफाखोरों पर श‍िकंजा कसने की तैयारी कर रही है. इसके लिए अगले महीने तक नई व्यवस्था की गाइडलाइन जारी हो सकती हैं.

जीएसटी परिषद मुनाफाखोरों पर लगाम कसने के लिए ‘एंटी-प्रॉफिटियरिंग (मुनाफाखोरी रोधी) नियम बनाने की तैयारी  कर रही  है. इसके जरिय उन कारोबारियों के ख‍िलाफ कार्यवाही की जाएगी, जो इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा ग्राहकों को तक नहीं पहुंचाते हैं. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर महीने के पहले हफ्ते में मुनाफाखोरी को लेकर गाइडलाइन जारी की जा सकती है.

जीएसटी की दर में सरकार की तरफ से की गई कटौती बुधवार यानी 15 नवंबर से लागू हो गई है. इसके साथ ही रेस्टोरेंट में खाना समेत आपकी जरूरत के कई घरेलू सामान सस्ते हो गए हैं. अब रेस्टोरेंट में खाना खाने पर आपको 18 फीसदी की जगह 5 प्रतिशत टैक्स देना होगा, जिसका सीधा फायदा आपके जेब को मिलेगा. पिछले हफ्ते रेस्टोरेंट में खाने पर टैक्स की दर में बदलाव किया गया था.

जिन भी कारोबारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलता है, उन्हें इसका फायदा अपने ग्राहकों को भी देना होता है. जब कोई कारोबारी कच्चा माल व अन्य सामग्री खरीदता है, तो उसे टैक्स भरना पड़ता है. यह इनपुट टैक्स होता है. जीएसटी के तहत इस सामग्री से कोई उत्पाद जब तैयार हो जाता है, तो कारोबारी को इनपुट टैक्स भरने की वजह से टैक्स भरते समय छूट मिलती है. यही इनपुट टैक्स क्रेडिट होता है.

यदि आपके रेस्टोरेंट में 1000 रुपए का खाना खाया तो इस पर पुराने टैक्स स्लैब के हिसाब से आपको बिल पर 18 फीसदी जीएसटी देना पड़ता था. इस 18 फीसदी में 9 प्रतिशत CGST और 9 फीसदी SGST होता है. इस तरह आपने 1000 रुपए के खाने पर 180 रुपए टैक्स का भुगतान किया, टोटल बिल आपका 1180 रुपए हुआ. वहीं अब नए टैक्स स्लैब में आपको 1000 रुपए के खाने पर 5 फीसदी टैक्स यानी 50 रुपए चुकाने पड़ेंगे. इस हिसाब से 1000 रुपए के खाने पर आपको 130 रुपए का फायदा हुआ.

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