इस्लाम में योग पर उठते सवाल, सऊदी अरब में मिल गई आधिकारिक मान्यता

भारत में योग सिखाने को लेकर पिछले दिनों रांची की एक लड़की राफिया नाज पर मुस्लिम कट्टरपंथियों ने जमकर निशाना साधा था। कहा जा रहा था कि जो...

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भारत में योग सिखाने को लेकर पिछले दिनों रांची की एक लड़की राफिया नाज पर मुस्लिम कट्टरपंथियों ने जमकर निशाना साधा था। कहा जा रहा था कि जो काम वह कर रही है वह सब इस्‍लाम के खिलाफ है। लेकिन इन सभी के उलट इस्‍लाम की जन्‍मस्‍थली सऊदी अरब ने योग को खेलकूद का दर्जा देकर अपनी कट्टरवादी सोच को बदलने का सराहनीय कदम उठाया है। सऊदी अरब का यह कदम दुनिया के सभी इस्‍लामी देशों के साथ साथ भारत में कट्टरवादी सोच रखने वाले लोगों के लिए भी एक नसीहत है। ऑल इंडिया इमाम आर्गेनाइजेशन के चीफ इमाम डॉ. उमेर अहमद इलियासी ने इस फैसले के लिए सऊदी अरब को मुबारकबाद दी है।

भारत में योग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले योग गुरु बाबा रामदेव ने सऊदी अरब में योग को स्पोर्ट्स ऐक्टिविटीज के रूप में मान्यता देने पर खुशी जताई है। उन्होंने बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में सऊदी अरब के इस फैसले को ऐतिहासिक कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि योग एक धर्मनिरपेक्ष क्रिया है, जिससे कई लाभ होते हैं।

अरब के कट्टर समाज में योग को खेल का दर्जा दिलाने का श्रेय 37 वर्षीय महिला योग गुरु नॉउफ मारावी को जाता है। वह 2005 से ही सरकार की विभिन्न एजेंसियों से योग को मान्यता देने के लिए जद्दोजहद कर रही थीं। मारावी सऊदी अरब में योग और आयुर्वेद की आधिकारिक प्रमोटर भी हैं। वह खुद 1998 से योग कर रही हैं। मारावी ने 2009 में योग पद्धति और चीनी इलाज पद्धति आधारित चिकित्सा केंद्र की स्थापना की। इससे पहले 2008 में उन्होंने सऊदी अरब योग स्कूल भी खोला। 2009 में अंतराष्ट्रीय योग खाड़ी क्षेत्र की निदेशक बनी। 2010 में सऊदी में अंतरराष्ट्रीय योग संघ की मानद सचिव बनीं। 2012 में वह भारत में योगलिंपिक समिति की उपाध्यक्ष नियुक्त हुईं। मारावी 2005 से अब तक तीन हजार छात्रों को योग की शिक्षा दे चुकी हैं। जबकि 2009-14 के बीच 70 से अधिक शिक्षकों को योग सिखाने के लिए प्रमाणपत्र दिया। उनके लिए केरल सरकार ने उन्हें योगचारिणी की उपाधि दी है।

नोफ ने इसके लिए लंबे समय तक अभियान चलाया था। अरब योगा फाउंडेशन की फाउंडर नोफ का मानना है कि योग और धर्म के बीच किसी तरह का कॉन्फ़्लिक्ट नहीं है। आपको बता दें कि 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को वैश्विक तौर पर स्वीकृति मिली थी और 21 जून को हर साल विश्व भर में योग दिवस मनाया जाता है।

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