पुण्यतिथि विशेष: हरदिल अजीज कलाकार किशोर कुमार आज ही के दिन दुनिया को अलविदा कह गए थे

बीच राह में दिलबर बिछड़ जाये कहीं हम अगर और सूनी सी लगे तुम्हें जीवन की ये डगर हम लौट आयेगें तुम यूंही बुलाते रहना कभी अलविदा ना...

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الخيارات الثنائية TraderXP बीच राह में दिलबर बिछड़ जाये कहीं हम अगर और सूनी सी लगे तुम्हें जीवन की ये डगर हम लौट आयेगें तुम यूंही बुलाते रहना कभी अलविदा ना कहना… जिंदगी के अनजाने सफर से बेहद प्यार करने वाले हिन्दी सिने जगत के महान पार्श्वगायक किशोर कुमार का नजरिया उनके गाये इन पंक्तियों में समाया हुआ है। मध्यप्रदेश के खंडवा में 04 अगस्त 1929 को मध्यवर्गीय बंगाली परिवार में अधिवक्ता कुंजी लाल गांगुली के घर जब सबसे छोटे बालक ने जन्म लिया तो कौन जानता था कि आगे चलकर यह बालक अपने देश और परिवार का नाम रौशन करेगा।

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