अरुणाचल के रंग में रंगे PM मोदी, कही विकास की बातें

प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में दोरजी खांडू स्टेट कन्‍वेंशन सेंटर का उद्घाटन कर इसे राज्य को समर्पित किया। इस सेंटर में सरकार के...

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प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में दोरजी खांडू स्टेट कन्‍वेंशन सेंटर का उद्घाटन कर इसे राज्य को समर्पित किया। इस सेंटर में सरकार के सभी महत्वपूर्ण विभागों के दफ्तर हैं। इससे राज्य के लोगों को अपने काम के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि, अरुणाचल एक ऐसा प्रदेश है जहां रग-रग में देशभक्ति और प्यार भरा हुआ है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों पर तंज कसते हुए कहा कि शायद ज्यादा काम होने की वजह से अब तक वो लोग यहां नहीं आ पाते थे। लेकिन मैं एक ऐसा प्रधानमंत्री हूं जो आपके पास आए बिना रह नहीं पाता है।

पीएम ने कहा कि अरुणाचल के युवा बैनर लेकर खड़े होते हैं कि ‘हमें हिंदी सिखाओ’, यह युवा पीढ़ियों की ललक है। प्रदेश में रोड या पुल बन जाता है लेकिन नेताओं के पास उसके उद्घाटन का समय नहीं होता। हमने नया कल्चर बनाया है नेता और प्रधानमंत्री का इंतजार मत करो। काम नहीं रुकना चाहिए। लोकार्पण बाद में हो जाएगा जब नेता को समय मिलेगा। एक कैंपस में दफ्तर बनाया जिससे काम की निर्णायक प्रकिया में आसानी हो जाएगी। मैं भारत सरकार की कंपनियों से कहूंगा कि अरुणचाल में जाकर अपनी मीटिंग करिए। हमने सरकार को हिंदुस्तान के हर कोने में चलाया है। अब पूरा हिंदोस्तान सरकार चला रहा है दिल्ली नहीं।

मोरारजी देसाई आखिरी ऐसे पीएम थे जो नॉर्थ-ईस्ट काउंसिल मीटिंग में आए थे। मैं आपके लिए, आपकी वजह से यहां आया हूं। मैंने मंत्रियों से कहा है कि वह हर हफ्ते नॉर्थ-ईस्ट की अलग-अलग जगहों की यात्रा करें। मुझे यहां मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल के शिलान्यास का अवसर मिला है। देश के आरोग्य क्षेत्र में बहुत काम करने की जरुरत है। हम हेल्थ सेक्टर को ताकत देने की दिशा में काम कर रहे हैं। हर तीन लोकसभा सीट में एक मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल बनना चाहिए ताकि लोकल बच्चा वहां पढ़े और उसे अपने क्षेत्र की बीमारियों के बारे में पता हो। हम मेडिकल कॉलेज को दूर-दराज तक ले जाना चाहते हैं।

मोदी ने कहा कि भारत के पास पैसों की कमी नहीं हे लेकिन अगर बाल्टी में छेद हो तो पानी भरेगा क्या? हमारे देश में पहले ऐसा ही चला है। उन्होंने बताया कि अकेले अरुणाचल में इस समय 18 हजार करोड़ रुपए की योजनाएं चल रही हैं।

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