महाशिवरात्रि का महापर्व आज और कल, जाने क्या है संयोग

भगवान शिव को समर्पित महाशिवरात्रि का महापर्व फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी मंगलवार को श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जाएगा। आज देर रात वाराणसी में करीब 2:30 बजे मंगला...

74 0
74 0

भगवान शिव को समर्पित महाशिवरात्रि का महापर्व फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी मंगलवार को श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जाएगा। आज देर रात वाराणसी में करीब 2:30 बजे मंगला आरती के बाद दर्शन-पूजन शुरु हो जाएगा।

महाशिवरात्रि को लेकर इस बार बड़ा असमंजस है। पंडितों का मानना है कि मंगलवार को पूरे दिन त्रयोदशी रहेगी और रात 10:37 बजे चतुर्दशी तिथि आ जाएगी। त्रयोदशी व चतुर्दशी तिथि जिस रात्रि को होती हैं उसी दिन शिव रात्री मनाने का विधान हैं। मंगलवार को ही महाशिवरात्रि होगी व लोग उपवास करेंगे। ज्योतिषाचार्य के अनुसार चार प्रहर की पूजा भी मंगलवार को ही सम्पन्न होगी।

महाशिवरात्रि की तिथि पर इस साल उलझन की स्थिति बनी हुई है। सामान्य लोगों से लेकर ज्योतिषी और पंडित तक एक राय नहीं बना पा रहे हैं कि महाशिवरात्रि 13 को मनेगी या 14 फरवरी को। 13 और 14 फरवरी दोनों दिन चतुर्दशी तिथि लग रही है। तमाम शास्त्रों के अनुसार जिस दिन त्रयोदशी और चतुर्दशी का संयोग हो उस दिन महाशिवरात्रि का व्रत करना चाहिए। 13 फरवरी को ऐसा ही हो रहा है।

जो लोग 13 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत करेंगे उन्हें एक साथ कई व्रतों का पुण्य प्राप्त होगा। पहला संयोग तो यह है कि 12 तारीख की मध्यरात्रि के बाद सूर्य संक्रांति हो रही है। सूर्य मकर से कुंभ राशि में पहुंचेंगे। इससे 13 को संक्रांति का पुण्यकाल रहेगा।

13 फरवरी को दूसरा सबसे बड़ा संयोग यह बना है कि इस दिन मंगलवार है। इसके साथ ही पूरे दिन त्रयोदशी तिथि है और रात 11 बजकर 35 मिनट पर चतुर्दशी तिथि है। मंगल और त्रयोदशी के संयोग से भौम प्रदोष व्रत का संयोग बना हुआ है। यह व्रत आरोग्य और संतान सुख प्रदान करने वाला माना गया है। 13 फरवरी को महाशिवरात्रि व्रत करने से भौम प्रदोष के व्रत का भी पुण्य प्राप्त होगा और मंगलवार के व्रत का भी। यानी शिव के साथ हनुमान जी की भी कृपा प्राप्त होगी।

जो लोग 14 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत करेंगे उन्हें तिथि और तारीख का अद्भुत संयोग मिलेगा जो बहुत ही दुर्लभ है। इस दिन तिथि भी 14 होगी और तारीख भी। इसके साथ ही 14 फरवरी को भगवान शिव का प्रिय नक्षत्र श्रवण है। इस नक्षत्र में शिव की पूजा बहुत ही शुभ और फलदायी मानी गई है।

14 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत करने वालों को भी संक्रांति का शुभ फल प्राप्त होगा। इस दिन बुध कुंभ राशि में आएंगे और सूर्य से मिलेंगे।

In this article