राहुल गांधी के US दौरे की INSIDE STORY, अक्टूबर में कांग्रेस की कमान

राहुल गांधी का अमेरिका जाना, वहां संवाद करना, टीम राहुल की भविष्य की रणनीति का हिस्सा है. राहुल के अमेरिका में दिए बयान और सवालों के जवाब इशारा...

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राहुल गांधी का अमेरिका जाना, वहां संवाद करना, टीम राहुल की भविष्य की रणनीति का हिस्सा है. राहुल के अमेरिका में दिए बयान और सवालों के जवाब इशारा कर रहे हैं कि, उनकी राजनीति भविष्य में किस दिशा में जाने वाली है. राहुल ने अपने संवाद में पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी हो या फिर प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी दोनों की ही तरफ संकेत दे दिया कि, वह तैयार हैं. यह सब कुछ यूं ही नहीं हुआ, इसके पीछे मोदी विरोध की राजनीति, नीतीश का अलग होना और भविष्य के लिहाज से राहुल गांधी का तैयार होना है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया है कि वो देश के अगले प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। राहुल ने यह बातें बार्कले के यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में छात्रों को संबोधित करते हुए कहीं।  राहुल ने इस संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों पर भी हमला बोला, उन्होंने खास तौर पर नोटबंदी और जीएसटी की आलोचना की।

राहुल ने यह संवाद तब किया जब यह तय है कि, कांग्रेस पार्टी के संगठन चुनावों के बाद वह सोनिया गांधी की जगह ले लेंगे. माना जा रहा है कि, अक्टूबर में कांग्रेस की कमान आधिकारिक तौर पर राहुल के हाथों में होगी. इससे पहले राहुल अपनी छवि दुरुस्त करना चाहते हैं. राहुल नेहरु गांधी परिवार की विरासत को तो संभालना चाहते हैं, लेकिन बोझा नहीं ढोना चाहते. यही वजह रही कि, राहुल अपने पिता राजीव गांधी के वक्त हुए सिख दंगों पर अपनी राय देते हैं, खुद को पीड़ितों के साथ बताते हैं और उस घटना को गलत करार देते हैं.

राहुल ने कहा कि 2019 होने वाले आम चुनावों में नरेंद्र मोदी के खिलाफ मेरे लड़ने का फैसला कांग्रेस पार्टी करेगी। उन्होंने कहा कि मेरा चुनाव लड़ने का फैसला निष्पक्ष होगा, यह फैसला पार्टी को करना है।

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