किसान आंदोलन: राजस्थान में किसानों का चक्का जाम, दूसरे दौर की वार्ता शुरु

राजस्थान में किसान आंदोलन की वजह से पूरा शेखावटी पिछले 13 दिनों से ठप्प पड़ा है. शेखावटी के सीकर, झुंझनू और चुरु जिले के किसानों ने पूरे इलाके...

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تغيير الفوركس राजस्थान में किसान आंदोलन की वजह से पूरा शेखावटी पिछले 13 दिनों से ठप्प पड़ा है. शेखावटी के सीकर, झुंझनू और चुरु जिले के किसानों ने पूरे इलाके में चक्का जाम कर रखा है. जब किसानों के आंदोलन की वजह से हालात बेकाबू होने लगे, तो जाकर बारहवें दिन राजस्थान सरकार जागी और किसानों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए जयपुर बुलाया, लेकिन किसानों की कर्जमाफी माफी की मांग के मामले पर समझौता नहीं हो पाया.

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الخيارات الثنائية الاجنبى والرسوم البيانية किसानों ने अधिकांश छोटे-बड़े रास्तों पर सुबह 7 बजे से ही जाम लगा दिया । चक्का जाम का सबसे अधिक असर सीकर,झुंझुंनू,बीकानेर,हनुमानगढ़,श्रीगंगानगर,चुरू और नागौर जिलों  में देखने को मिला,शेष जिलों में आंशिक असर नजर आया । किसानों ने वाहनों की आवाजी रोक दी, छोटे-बड़े वाहन नहीं निकलने दिए,कई वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई । राहगिरों को कई किलोमीटर दूर तक पैदल चलकर जाना पड़ा । तेज होते आंदोलन को शांत करने के लिए सरकार की ओर से किसान नेताओं के साथ वार्ता का दौर शाम को शुरू हुआ,सरकारी  प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि देर रात तक अथवा बुधवार सुबह तक वार्ता का हल निकलेगा और किसान अपना आंदोलन समाप्त कर देंगे ।

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من السهل الربح خيار ثنائي تحميل مجاني बैठक में कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी, सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी तथा किसान नेता अमराराम एवं अन्य नेता मौजूद है। बैठक शुरु होने से पहले अमराराम ने कहा किसरकार ने बातचीत के लिए दोपहर एक बजे बुलाया था, इसलिए वे आए है। उन्होंने कहा कि किसानों का कर्ज माफ कराना इस बैठक का अहम मुद्दा है। जब तक सरकार कर्ज माफी की घोषणा नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश में किसानों पर करीब 39 हजार 500 करोड़ का कर्ज है।

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طريقة التجارة بالنت किसानों की भारी भीड़ को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनीती हुई है. चारो तरफ हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात है.मगर किसी तरह की टकराव न हो जाए, इसलिए पुलिस बल को सरकार ने किसानों से दूर रखा है. चुनावी साल में किसानों का ये आंदोलन वसुंधरा सरकार के लिए बड़ी अग्निपरीक्षा बन गई है.

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