दार्जिलिंग: ताजा हिंसा में सहायक पुलिस उपनिरीक्षक और गाेरखा कार्यकर्ता की मौत

पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग के तवाकर क्षेत्र में बिमल गुरंग के नेतृत्व वाले गोरखा जनमुक्ति मोर्चा(जीजेेएम) और सुरक्षा बलों के बीच हिंसा की ताजा झड़पों मेंं एक सहायक...

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पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग के तवाकर क्षेत्र में बिमल गुरंग के नेतृत्व वाले गोरखा जनमुक्ति मोर्चा(जीजेेएम) और सुरक्षा बलों के बीच हिंसा की ताजा झड़पों मेंं एक सहायक पुलिस उप निरीक्षक और एक नागरिक की मौत हाे गई तथा कईं अन्य घायल हाे गए। पुलिस सूत्रों ने अाज यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि पुलिसकर्मी की पहचान अमातिवा मलिक के तौर पर की गई है और मोर्चा समर्थक की अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी है।

पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग के तवाकर क्षेत्र में बिमल गुरंग के नेतृत्व वाले गोरखा जनमुक्ति मोर्चा(जीजेेएम) और सुरक्षा बलों के बीच हिंसा की ताजा झड़पों मेंं एक सहायक पुलिस उप निरीक्षक और एक नागरिक की मौत हाे गई तथा कईं अन्य घायल हाे गए। पुलिस सूत्रों ने अाज यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि पुलिसकर्मी की पहचान अमातिवा मलिक के तौर पर की गई है और मोर्चा समर्थक की अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी है।

पुलिस ने बताया कि एक गुप्त सूचना मिली थी कि गुरंग तवाकर के लेपचा बस्ती क्षेत्र में कहीं छिपा हुआ है और इसके बाद जब पुलिसकर्मी वहां पहुंचे तो उन पर अचानक गोलियां चलाई जाने लगी। स्थानीय लोगों ने मानव ढाल बनाकर गुरंग काे वहां से भागने में मदद की लेकिन वह अभी भी इसी क्षेत्र मे छिपा हुआ है। दार्जिलिंग में इस आंदोलन की शुरूआत आठ जून से हुई थी और अब तक इसमें 12 लोगों की मौत हाे चुकी है लेकिन पुलिस के किसी अधिकारी के मारे जाने का यह पहला मामला है।

इस ठिकाना गुरंग समर्थकों का गढ़ माना जाता है। गुरंग के इस इलाके में छिपे होने की सूचना पर पुलिस ने ऐक्शन लिया। जीजेएम नेता के समर्थकों ने पुलिस पर गोलियां भी चलाई। मुठभेड़ अभी भी जारी है। गौरतलब है कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत अगस्त में गुरंग पर मामला दर्ज हुआ था। उन पर दार्जिलिंग और आस-पास के क्षेत्रों में हुई बम विस्फोट की घटनाओं में शामिल होने का आरोप भी है।

 

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