सलमान की जमानत पर फैसला: सजा सुनाने वाले जज से क्यों मिले सेशन कोर्ट के जज?

सलमान खान की जमानत पर जोधपुर सेशन कोर्ट के जज रवींद्र कुमार जोशी ने सभी पक्षों की दलीलें सुन ली हैं और सुनवाई पूरी कर ली है. अब...

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सलमान केस

सलमान खान की जमानत पर जोधपुर सेशन कोर्ट के जज रवींद्र कुमार जोशी ने सभी पक्षों की दलीलें सुन ली हैं और सुनवाई पूरी कर ली है. अब वह लंच के बाद सीधे सलमान की जमानत पर अपना फैसला सुना देंगे. लेकिन आज जमानत पर सुनवाई से ठीक पहले जज रवींद्र कुमार जोशी ने सलमान को सजा सुनाने वाली CJM कोर्ट के जज देव कुमार खत्री से मुलाकात की.

अब सबसे बड़ा सवाल यही पैदा होता है कि आखिर दोनों जजों के बीच क्या बातचीत हुई? सेशन कोर्ट के जज रवींद्र कुमार जोशी आखिर सजा सुनाने वाले जज देव कुमार खत्री से क्या जानने चाहते थे?

सुबह करीब 10 बजे सलमान को सजा सुनाने वाले CJM कोर्ट के जज देव कुमार खत्री सेशन कोर्ट के जज रवींद्र कुमार जोशी की केबिन में पहुंचे. दोनों जजों के साथ उनके असिस्टेंट मौजूद थे. दोनों जजों के बीच यह मुलाकात करीब 16-17 मिनट तक चली.

सेशन कोर्ट के जज से मिलने के बाद CJM कोर्ट के जज देव कुमार खत्री सुबह करीब 10.23 मिनट पर उनके केबिन से निकले. उल्लेखनीय है कि देव कुमार खत्री का भी प्रमोशन ट्रांसफर हो गया है, हालांकि अभी उन्हें ट्रांसफर ऑर्डर की कॉपी नहीं मिली है. देव कुमार खत्री की जगह जोधपुर की CJM कोर्ट के जज के पद पर समरेंद्र सिंह सिखरवार की नियुक्ति हुई है.

अमूमन ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि ऊपरी अदालत का जज किसी मामले में सुनवाई करते हुए निचली अदालत के जज से मुलाकात करता हो. दोनों जजों की मुलाकात इसलिए भी चौंकाती है, क्योंकि बीती रात दोनों ही जजों का ट्रांसफर कर दिया गया है.

लेकिन इसका जवाब भी इसी में छिपा हुआ है. दरअसल बॉलीवुड स्टार से जुड़े इसे बहुचर्चित मामले में कोई भी जज जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं सुनाना चाहता. वैसे तो सेशन कोर्ट के जज रवींद्र कुमार जोशी चाहते तो वह सुनवाई जारी रखने से इनकार कर सकते थे, क्योंकि उनका ट्रांसफर हो चुका है.

लेकिन उन्होंने अपने विवेक के आधार पर सुनवाई जारी रखने का फैसला किया. जज रवींद्र कुमार जोशी ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान निचली अदालत के फैसले के रिकॉर्ड्स मांगे थे. उन्हें सारे रिकॉर्ड्स मिल भी गए थे. लेकिन अगर वह सारे दस्तावेजों और निचली अदालत के फैसले का अध्ययन करते तो इसमें अधिक समय लगता और उनके पास समय बचा नहीं था.

ऐसा लग रहा है कि समयाभाव के चलते ही सेशन कोर्ट के जज रवींद्र कुमार जोशी ने संक्षेप में जानने के लिए सीधे CJM कोर्ट के जज देव कुमार खत्री से मुलाकात करने का फैसला किया

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