मोदी कैबिनेट की बैठक आज, कैबिनेट फेरदबल पर होगी चर्चा

कैबिनेट फेरदबल की चर्चा और विपक्षी एकता की कोशिशों के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने आज मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई. सूत्रों के अनुसार पीएम आवास पर होने वाली...

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मोदी कैबिनेट की बैठक आज, कैबिनेट फेरदबल पर होगी चर्चा

कैबिनेट फेरदबल की चर्चा और विपक्षी एकता की कोशिशों के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने आज मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई. सूत्रों के अनुसार पीएम आवास पर होने वाली इस मीटिंग में सभी मंत्रियों के शामिल होंने की उम्मीद है. आपको बता दें कि मीटिंग में सभी लंबित कामों की समीक्षा के अलावा अगले सौ दिनों के लिए रोडमैप तय किया जाएगा. खासकर किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करने का अजेंडा है. सभी मंत्रियों के साथ पिछले चार महीने में ये पहली मीटिंग है.सूत्रों के अनुसार आज ही मोदी सरकार किसानों की फसल के लिए मिनिमम सपोर्ट प्राइस की नई नीति को कैबिनेट मंजूरी दे सकती है. बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली भत्ते को लेकर अपना प्रस्ताव रख सकतेहैं, जिसका सीधा फायदा 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा.

7वें केंद्रीय वेतन आयोग ने भत्ते की संरचना में कुछ बदलाव सुझाए थे. इसमें 52 तरह के भत्तों को खत्म कर दिया गया है. 36 तरह के अन्य भत्तों को इसमें जोड़ा भी गया है.

जानें 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों में महंगाई भत्ते से जुड़ी 7 खास बातें:

1. केन्द्र सरकार के फॉर्मूले के मुताबिक महंगाई भत्ते पर 2 फीसदी की वृद्धि दी जाएगी जिसे 1 जनवरी 2017 से लागू किया जाएगा.

2. कर्मचारी यूनियनों का मानना है कि महंगाई भत्ता निर्धारित करने के लिए इंडस्ट्रियल वर्कर के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स को बेंचमार्क मानना हकीकत से अलग आंकड़े देते हैं.

3. यूनियन के मुताबिक सीपीआई एक काल्पनिक आंकड़ा है क्योंकि लेबर ब्यूरो का आंकड़ा हकीकत से दूर रहता है.

4. महंगाई भत्ता बढ़ाने के लिए औसत सीपीआई आंकड़ा 4.95 फीसदी रहना चाहिए जिसे जनवरी 1 से दिसंबर 31, 2017 बेंचमार्क मानना चाहिए.

5. केन्द्र सरकार अक्टूबर में मंहगाई भत्ते में 2 फीसदी का इजाफा कर चुकी है और उसे जुलाई 2016 से लागू किया था जिससे अब वह सिर्फ 2 फीसदी का इजाफा और करने जा रही है. केन्द्र सरकार पिछले 12 महीने का औसत खुदरा महंगाई का आंकड़ा लेकर महंगाई भत्ता निर्धारित करता है.

6. वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी देने के बाद केन्द्र सरकार ने घोषणा की थी कि सभी कर्मचारियों को जनवरी 1, 2016 से बढ़ी हुई सैलरी और भत्ता मिलेगा लेकिन नोटबंदी लागू होने के बाद केन्द्र सरकार इस मुद्दे पर आखिरी फैसला लेने से कतरा रही है.

7. नोटबंदी का फैसला लेने के बाद मोदी सरकार ने केन्द्रीय कर्मचारियों के भत्ते पर वेतन आयोग की सिफारिशों को देखने के लिए एक कमेटी गठित कर दी. इस कमेटी को वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का रास्ता तय करने के लिए भी कहा गया है.

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