मामा व मौसी के बेटों ने 10 साल कुकर्म किया, छोटा था तो समझ नहीं आया, लिखा-अब आैर नहीं जी सकता

मामा व मौसी के बेटों ने नई दिल्ली.आईआईटी दिल्ली में 21 वर्षीय छात्र गोपाल मालो ने गुरुवार देर रात नीलगिरी हाेस्टल के अपने कमरे में फांसी लगाकर जान...

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लिखा-अब आैर नहीं जी सकता

मामा व मौसी के बेटों ने

नई दिल्ली.आईआईटी दिल्ली में 21 वर्षीय छात्र गोपाल मालो ने गुरुवार देर रात नीलगिरी हाेस्टल के अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। पश्चिम बंगाल के हुबली का रहने वाला मालो एमएसई केमेस्ट्री प्रथम वर्ष का छात्र था। उसने 10 अप्रैल को भी नींद की करीब 50 गोलियां खा कर आत्महत्या की कोशिश की थी, लेकिन दोस्तों ने समय से अस्पताल पहुंचा कर उसे बचा लिया था। मालो गुरुवार को ही अस्पताल से होस्टल लौटा था। इसके बाद उसने अपने रूम डी-5 से दोनों साथियों को बाहर निकाल दिया आैर फांसी लगा ली।ये था मामला…

शुक्रवार सुबह जब दोस्तों के खटखटाने पर भी कमरे का दरवाजा नहीं खुला तब हादसे का पता चला। पुलिस को मालो के कमरे से बंगाली में लिखा सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा हुआ है उसके मामा और मौसी के बेट 11 साल की उम्र से उसके साथ कुकर्म कर रहे हैं। आईआईटी में आने के बाद वह उस पर वापस बंगाल लौटने के लिए दबाव बना रहे हैं। वह यह सब अब और नहीं सह सकता।

पापा, भैया-भाभी, मैं सबसे माफी मांगता हूं…

मैं अपनी मर्जी से अपनी जान दे रहा हूं, लेकिन मेरे साथ बहुत गलत हुआ है। जब मैं 11 साल का था तो मेरी मौसी के बड़े बेटे ने मेरे साथ कुकर्म किया, उसके बाद मेरे मामा के बेटे ने भी मेरे साथ
कुकर्म किया। दोनों मेरे साथ लगातार कई वर्षों तक कुकर्म करते रहे। मैं बच्चा था तो मुझे इसका पता नहीं था और मुझे इसकी आदत हो गई। लेकिन जब में दिल्ली आया तो मुझे पता चला कि यह गलत था। ऐसे में अब में इतना होने के बाद जिंदा नहीं रहना चाहता। लेकिन मेरी अंतिम इच्छा है कि मेरे मामा व मौसी के बेटों को सख्त सजा दी जाए। मां, पापा बड़े भैया, भाभी और छोटे भाई आप सभी से मैं
माफी मांगता हूं, लेकिन मैं पिछले दिनों से बहुत परेशान था, जिसके चलते अपनी जान दे रहा हूं।

रात को दोस्तों को निकाल दिया था कमरे से

नीलगिरी होस्टल का कमरा नंबर डी-5 में तीन बिस्तर लगे हैं। बीच के बिस्तर पर गोपाल मालो सोता था। ऐसे में गुरुवार रात जब उसके साथ रहने वाले दोनों दोस्त नहीं सो रहे थे, तो उसने दोनों को सोने के बहाने कमरे से बाहर कर दिया और अंदर से गेट बंद कर लिया। गोपाल के दोनों दोस्त रातभर बाहर ही सोए और सुबह करीब सात बजे कमरे पर पहुंचे। कई बार खटखटाने पर जब गोपाल ने गेट नहीं खोला तो एक दोस्त ने खिड़की से अंदर देखा तो गोपाल पंखे से लटका हुआ था। जिसके बाद उसने तुरंत सुरक्षाकर्मियों को सूचना दी। सुरक्षाकर्मियों ने युवकों की सूचना को पुख्ता कर मामले की जानकारी पुलिस को दी।

पश्चिम बंगाल पुलिस भी करेगी मामले की जांच

दिल्ली पुलिस अनुसार गोपाल अपने साथ हो रहे कुकर्म से परेशान था। सुसाइड नोट में गोपाल ने अपने दोनों भाइयों का जिक्र किया है। उनके खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कर बंगाल पुलिस को जांच के लिए सौंपी जाएगी, जिससे आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। जल्द ही आरोपियों से पूछताछ होगी।

 

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