भारतीय-अमेरिकी ने जातीय विविधता को दर्शाने के लिए बनाई गुड़िया

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक एक भारतीय मूल के अमेरिकी ने सात गुड़ियों की एक नई श्रृंखला पेश की है जो आम लड़कियों की जातीय विविधता का प्रतिनिधित्व करती...

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हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक एक भारतीय मूल के अमेरिकी ने सात गुड़ियों की एक नई श्रृंखला पेश की है जो आम लड़कियों की जातीय विविधता का प्रतिनिधित्व करती है और उनके मस्तिष्क, प्रतिभा तथा नेतृत्व के लिए उनकी प्रशंसा करती है। नेहा चौहान वुडवर्ड (29) ने सातों गुडियों में से प्रत्येक को एक अनूठा व्यक्तित्व प्रदान किया है जिससे लड़कियां संबद्ध हो सकती हैं।

उनकी स्टार्टअप खिलौना कंपनी विलोब्रुक गर्ल्स द्वारा किया गया गुड़िया संग्रह बचपन के समान महत्वाकांक्षी मित्रों पर आधारित है जिनके साथ वह विलोब्रुक रोड पर पली-बढ़ीं। अब मैनहट्टन में रहने वाली नेहा ने कहा, ‘जिन खिलौनों से मैं खेली, उनका मुझ पर वैसा ही प्रभाव पड़ा था, लेकिन वे मेरे या मेरे मित्रों के बारे में ज्यादा नहीं दर्शाते थे, जो अपनी रुचियों और पृष्ठभूमियों में काफी स्मार्ट और विविध थे। मैं जानती थी कि हमें बेहतर करने की आवश्यकता थी।’

नेहा ने कहा कि संबंधित विचार उनके मन में तब आया जब वह स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी में एमबीए की छात्रा थीं। यद्यपि विलब्रुक गर्ल्स डॉल्स की बिक्री अभी नहीं होनी है। नेहा भूरी आंखों और लंबे भूरे बालों वाली पहली गुड़िया ‘कारा’ के लिए धन जुटाने के ‘किकस्टार्टर कैम्पेन’ को पूरा करने के करीब हैं। उसके बाद ‘कारा’ की ऑनलाइन बिक्री की जाएगी। अन्य गुड़ियों में बेली और माया शामिल हैं। बेली गणित की शिक्षक बनना चाहती है और उसका सपना शिक्षा सुधार का है। माया न्यूरो वैज्ञानिक बनना चाहती है।

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