ट्रंप, राहुल और नकवी की रोजे वाली राजनैतिक सियासत

रोजे के पाक दिन खत्म होनें में बस कुछ ही दिन बचे हैं और ईद आने वाली है। तो सियासी दलों ने भी इफ्तारी सियासत करने में कोई...

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ट्रंप, राहुल और नकवी की रोजे वाली राजनैतिक सियासत

रोजे के पाक दिन खत्म होनें में बस कुछ ही दिन बचे हैं और ईद आने वाली है। तो सियासी दलों ने भी इफ्तारी सियासत करने में कोई कसर नही छोड़ी है। लगभग सभी राजनीतिक पार्टियों ने इफ्तारी की आड़ में जहां अपने-अपने दांव खेले। तो वहीं देश के सबसे बड़े विपक्ष की इफ्तारी में बिरयानी आज पकेगी। यानि राहुल गांधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस आज अपना इफ्तारी दांव खेलेगी। आपको बता दें कि देश ही नही विदेश में भी आज इफ्तारी मनाई जाएगी। यानि कई मुस्लिम देशों पर प्रतिबंध करने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज व्हाइट हाउस में इफ्तारी देंगे। इसके अलावा केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी आज उन महिलाओं को इफ्तारी देंगे। जो तीन तलाक से पीड़ित हैं। वैसे तो नकवी की ये इफ्तारी बेहद सराहनीय है। लेकिन राजनीति में दरियादिली कब सियासत में बदल जाए कुछ भरोसा नही।

राहुल गांधी की बुधवार को होने वाली इफ्तार पार्टी के लिए विपक्ष के सभी प्रमुख नेताओं को न्योता दिया गया है। कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि विपक्ष के तकरीबन सभी प्रमुख नेताओं को बुलाया गया है। कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि राजनीतिक दलों के अलावा कुछ प्रमुख मुस्लिम संगठनों के नेताओं को भी इस इफ्तार के लिए आमंत्रित किया गया है। कांग्रेस 2 साल के अंतराल के बाद इफ्तार का आयोजन करने जा रही है। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष रहने के दौरान सोनिया गांधी ने 2015 में इफ्तार का आयोजन किया था।

वही अब्बास नकवी इस इफ्तार के लिए करीब सौ महिलाओं को आमंत्रित किया गया है जिनमें कई तीन तलाक पीडि़त महिलाएं भी शामिल हैं। वैसे, यह पहली बार है कि सरकार के किसी मंत्री या भाजपा की तरफ से विशेष तौर पर मुस्लिम महिलाओं के लिए इफ्तार का आयोजन किया जा रहा है। तीन तलाक के मुद्दे पर भाजपा और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काफी मुखर रहे हैं। इसके खिलाफ सरकार एक विधेयक भी लाई है, हालांकि अभी इसको सिर्फ लोकसभा में ही पारित किया जा सका है।पिछले साल उच्चतम न्यायालय ने तलाक-ए-बिद्दत को ‘असंवैधानिक और ‘गैरकानूनी करार दिया था।

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