टूट गई समाजवादी पार्टी, अखिलेश ने उतारे अपने 167 उम्मीदवार, अलग चुनाव चिन्ह पर लड़ेंगे चुनाव!

विधानसभा चुनाव से ऐन पहले समाजवादी पार्टी टूटती नजर आ रही है। लखनऊ में सुबह से चल रही मैराथन बैठकों के बाद शाम को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने...

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विधानसभा चुनाव से ऐन पहले समाजवादी पार्टी टूटती नजर आ रही है। लखनऊ में सुबह से चल रही मैराथन बैठकों के बाद शाम को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने 167 उम्मीदवारों की सूची बनाई है। बताया जा रहा कि ये सभी उम्मीदवार साइकिल पर नहीं बल्कि अलग चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे।

बताया जा रहा कि कुछ ही देर में अखिलेश अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करेंगे। ये सभी प्रत्याशी सपा प्रत्याशियों के खिलाफ ही मैदान में उतरेंगे। हालांकि सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद शाहिद ने कहा कि पार्टी में कोई टूट नहीं हुई है। ना ही ऐसी कोई लिस्ट जारी हुई है। वहीं अखिलेश समर्थक एमएलसी सुनील साजन ने कहा कि अखिलेश यादव ने 167 लोगों की सूची नेताजी को दी है, क्योंकि वो दागियों के खिलाफ है।

इससे पहले अपने समर्थकों का टिकट काटे जाने से नाराज अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह से टिकट काटे जाने का आधार पूछा है। अखिलेश ने साथ ही अपने समर्थकों को चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा। अखिलेश यादव दोपहर से मंत्री और विधायकों के साथ बैठक कर रहे थे जो शाम तक चली। अखिलेश ने एक-एक मंत्री और विधायकों की बात सुनी। इसके बाद ही मुख्यमंत्री ने यह सूची जारी की है।

सूत्रों के मुताबिक अखिलेश ने मुलायम के घर कहा कि किस सर्वे में गोप, रामगोविंद चौधरी, पवन पांडे हारते दिखाई दे रहे हैं? शिवपाल ने अपने सर्वे परिणाम नेताजी के सामने रखे। वहीं अखिलेश ने भी अपने सर्वे के परिणाम नेताजी के सामने रखे, जिसके आधार पर सीएम ने तैयार की थी अपनी लिस्ट।

अखिलेश के घर के बाहर जुटे समर्थकों ने नारे लगाए कि वे अखिलेशवादी है। पार्टी के नेता अशफाक अली खां ने कहा कि हम मैदान छोड़कर भागने वाले नहीं है। अभी मुख्यमंत्री का फैसला आयेगा। विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनसे चुनाव लड़ने की तैयारी करने को कहा है। जल्द ही मुख्यमंत्री जी इस बारे में बताएंगे। अब हम लोग चुनाव लड़ने के लिए क्षेत्र में जा रहे हैं।

समर्थकों ने कहा कि मुलायम हमारे आदर्श हैं पर प्रदेश की जनता को अखिलेश की जरूरत है। उनके खिलाफ साजिश की जा रही है। बृज लाल सोनकर ने कहा कि हम लोगों को क्षेत्र में जाकर काम करने का आदेश दिया गया है। हमें टिकट की जरूरत नहीं है। हमें अखिलेश यादव को जिताना है। लिस्ट की कोई चर्चा नहीं हुई।

इससे पहले पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर राम गोपाल यादव ने दावा किया था कि प्रत्याशी बदलना एक सामान्य प्रक्रिया है। ऐसा होता रहता है। पार्टी में कोई घमासान नहीं नहीं है। जिन लोगों के टिकट कटे हैं, उन्हें मुख्यमंत्री ने बुलाया है। उनको भी भविष्य में चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। आने वाले समय में भी अखिलेश यादव मुख्यमंत्री होंगे। सपा महासचिव प्रोफेसर राम गोपाल यादव गुरुवार को फिरोजाबाद में में आईटीआई स्कूल समेत कई योजनाओं का शिलान्यास किया।

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