कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग में छा गया सिक्योरिटी गार्ड का बेटा सतीश

भारत के स्टार वेटलिफ्टर सतीश कुमार शिवालिंगम ने 21वें कॉमनवेल्थ खेलों के तीसरे दिन एक और गोल्ड मेडल जीत लिया. सतीश ने वेटलिफ्टिंग के पुरुषों के 77 किलोग्राम...

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कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग

भारत के स्टार वेटलिफ्टर सतीश कुमार शिवालिंगम ने 21वें कॉमनवेल्थ खेलों के तीसरे दिन एक और गोल्ड मेडल जीत लिया. सतीश ने वेटलिफ्टिंग के पुरुषों के 77 किलोग्राम भारवर्ग में देश को सोने का तमगा दिलाया. सतीश ने स्नैच में 144 का सर्वश्रेष्ठ भार उठाया, तो वहीं क्लीन एंड जर्क में 173 का सर्वश्रेष्ठ भार उठाया. कुल मिलाकर उनका स्कोर 317 रहा.इस इवेंट का सिल्वर मेडल इंग्लैंड के जैक ओलिवर के नाम रहा, जिन्होंने 312 का कुल स्कोर किया. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के फ्रांकोइस टुउंडी ने 305 के कुल स्कोर के साथ कांस्य पदक पर कब्जा जमाया.

रेलवे में क्लर्क की नौकरी करते हैं सतीश

25 साल के सतीश को वेटलिफ्टिंग विरासत में मिली. उनके पिता भी वेटलिफ्टर थे और उन्होंने नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडल भी जीता है. पिता के पदचिह्नों पर चलकर सतीश ने वेटलिफ्टिंग को अपना करियर बनाया. खेल के शुरुआती दिनों में सतिश को ट्रेनिंग उनके पिता ने दी. जो एक यूनिवर्सिटी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे हैं और सतीश चेन्नई में रेलवे क्लर्क की नौकरी कर रहे हैं.

कॉमनवेल्थ खेलों में दूसरा गोल्ड मेडल

तमिलनाडु के वेल्लौर में जन्मे सतीश ने ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स में 77 किग्रा की केटेगरी में कुल 328 किग्रा वजन उठाकर गोल्ड मेडल हासिल किया था. इसमें से 149 किग्रा वजन स्नैच में और 179 किग्रा वजन क्लीन एंड जर्क में उठाया था. स्नैच में उनका 149 किग्रा वजन उठाना कॉमनवेल्थ खेलों में उनकी कैटेगरी का यह रिकॉर्ड बन गया. सतीश ने दो कॉमनवेल्थ खेलों में लगातर गोल्ड मेडल जीतकर अपनी अगल पहचान बनाई है. उनसे एशियन गेम्स में ऐसे ही शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी.

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