कॉमनवेल्थ गेम्स : मॉडलिंग को छोड़ टेबल टेनिस चुनने वाली मनिका 4 मेडल जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनीं

गोल्ड कोस्ट में खेले जा रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में वुमन टेबलटेनिस को लीड कर रही दिल्ली की मनिका बत्रा ने देश को 2 गोल्ड, 1 सिल्वर और...

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कॉमनवेल्थ गेम्स

गोल्ड कोस्ट में खेले जा रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में वुमन टेबलटेनिस को लीड कर रही दिल्ली की मनिका बत्रा ने देश को 2 गोल्ड, 1 सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल दिलाया है। वे टेबलटेनिस के इतिहास में 4 मेडल जीतने वाली पहली महिला प्लेयर बन गई हैं। मिक्स्ड डबल्स के ब्रॉन्ज मेडल मैच में उन्होंने साथियान गणशेखरण के साथ मिलकर अपने ही देश के अंचत शरत कमल और मौमा दास की जोड़ी को हराया। प्रोफेशनल टेबलटेनिस की शुरूआत से पहले उन्हें मॉडलिंग का ऑफर आया था। लेकिन, मनिका ने मॉडलिंग को छोड़ टेबलटेनिस को चुना। मनिका के मम्मी सुषमा बत्रा का कहना है कि मुझे खुशी है कि उसने देश के लिए कुछ करने के लिए सही रास्ता चुना। मिला था मॉडलिंग ऑफर -नारायणा विहार दिल्ली की रहने वाली मनिका को जीएस एंड मैरी कॉलेज में पढ़ते वक्त मॉडलिंग का ऑफर मिला था। वह इस ओर भी अपना करियर बना सकती थीं। लेकिन उन्होंने टेबल टेनिस में ही अपनी मेहनत जारी रखी। मनिका ने बताया कि वह चार साल की उम्र से टेबल टेनिस खेल रही हैं। -उन्होंने कहा, “खुदकिस्मत हूं कि मेरे खेल की वजह से ही मुझे कॉमनवेल्थ गेम्स में लीड करने का मौका मिला और लीडर होने का रोल मैं अच्छे से निभा सकी। सिंगापुर की दोनो टॉप रैंक की प्लेयर को हराना सुखद अनुभव रहा। लेकिन डबल्स में उनसे ही मिली हार से जरूर थोड़ी निराशा हुई।” जर्मनी में ट्रेनिंग का फायदा -मनिका ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने के लिए जर्मनी में एक महीने की स्पेशल ट्रेनिंग में हिस्सा लिया। वहां पर गेम में तेज सर्विस, स्मैश और गेंद कंट्रोल को बेहतर करने का अभ्यास किया। ट्रेनिंग का फायदा ही उन्हें इस कॉमनवेल्थ गेम्स में मिला। कॉमनवेल्थ गेम्स में मनिका का प्रदर्शन -मनिका वर्ल्ड नंबर-4 फेंग तेनवे और पूर्व वर्ल्ड नंबर-9 मेंगयू यू (दोनों सिंगापुर) को हराकर गोल्ड जीतने में सफल रहीं। इन दोनों की जोड़ी से ही डबल्स के फाइनल में मनिका को हार का सामना करना पड़ा। इवेंट मेडल वुमेन्स टीम गोल्ड वुमेन्स डबल्स सिल्वर वुमेन्स सिंगल्स गोल्ड मिक्स्ड डबल्स ब्रॉन्ज मनिका की उपलब्धि -मनिका ने 2011 में चिली ओपन में अंडर-21 आयुवर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया। 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स क्वार्टरफाइनल तक पहुंची। कॉमनवेल्थ टेबलटेनिस चैंपियनशिप में 3 मेडल जीते। -2016 साउथ एशियन गेम्स में 3 गोल्ड देश को दिलाए। वुमन डबल्स, मिक्सड डबल्स और टीम में ये गोल्ड हासिल किए। वह रियो ओलिंपिक में कोटा प्राप्त कर सकीं। लेकिन ओलिंपिक में पहले राउंड में ही हार का सामना करना पड़ा। – मनिका ने वर्ल्ड टेबल टेनिस चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल तक पहुंचने वाली भारत की पहली महिला प्लेयर बनीं। वे इस समय भारत की नंबर वन प्लेयर हैं।

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