ऑगस्टावेस्टलैंड VVIP हेलीकॉप्टर घोटाला: सीबीआई ने 10 दिन के लिए पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी की रिमांड मांगी

अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में शुक्रवार को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किये गये भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एसपी त्यागी, उनके भाई संजीव उर्फ जूली त्यागी और एक...

228 0
228 0

अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में शुक्रवार को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किये गये भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एसपी त्यागी, उनके भाई संजीव उर्फ जूली त्यागी और एक वकील गौतम खेतान को पटियाला हाउस कोर्ट स्थित सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया। सीबीआई के अनुसार आरोपियों के खिलाफ रिश्वत की लेन-देन के ठोस सबूत मिलने के बाद ही कार्रवाई की गई है। किसी वायुसेनाध्यक्ष को पहली बार रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

एसपी त्यागी के वायुसेनाध्यक्ष रहने के दौरान अगस्तावेस्टलैंड कंपनी से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआइपी के लिए हेलीकाप्टर खरीद के सौदे को अंतिम रूप दिया गया था।इससे पहले ऑगस्टावेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को पूर्व वायु सेना प्रमुख एसपी त्यागी को गिरफ्तार कर लिया था।

पूर्व वायु सेना प्रमुख पर रिश्वत लेकर 3,600 करोड़ रुपये के हेलीकॉप्टर डील कराने का आरोप है। सीबीआई ने इस मामले में त्यागी के अलावा उनके रिश्तेदार संजीव त्यागी और वकील गौतम खेतान को भी गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने तीनों लोगों को दिल्ली से गिरफ्तार किया।

एसपी त्यागी पर आरोप है कि इस सौदे के लिए वह बिचौलियो से मिले। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि 2007 में सेवानिवृत हुए 71 साल के त्यागी, संजीव और चंडीगढ़ में रहने वाले वकील गौतम खेतान को सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

करीब तीन साल पहले सामने आए इस मामले में सीबीआई की ओर से की गई ये पहली गिरफ्तारी है। रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच के लिए सीबीआई ने 2013 में प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच एजेंसी ने प्राथमिकी तब दर्ज की थी जब इटली में इस मामले में हो रही अदालती सुनवाई के दौरान अभियोजकों ने अगस्तावेस्टलैंड की मूल कंपनी फिनमेकेनिका के प्रमुख के खिलाफ इस करार में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

शाम के वक्त दिए गए एक बयान में सीबीआई प्रवक्ता देवप्रीत सिंह ने कहा, ‘यह आरोप है कि वायुसेना प्रमुख (सीएएस) ने अन्य आरोपियों के साथ आपराधिक साजिश की और 2005 में भारतीय वायुसेना का यह रुख बदलने के लिए तैयार हो गए कि वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की 6000 मीटर की सर्विस सीलिंग अनिवार्य परिचालन जरूरत (ओआर) है और इसे घटाकर 4500 मीटर कर दिया।’

देवप्रीत ने कहा कि परिचालन जरूरतों में ऐसे बदलाव से ब्रिटेन स्थित कंपनी (अगस्तावेस्टलैंड) वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों के लिए प्रस्ताव के अनुरोध (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) में हिस्सेदारी लेने योग्य हो गई। सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, ‘जांच के दौरान खुलासा हुआ कि उनके चचेरे भाई और एक वकील सहित बिचौलियों..रिश्तेदारों के जरिए आरोपी वेंडरों से रिश्वत कबूल कर ब्रिटेन स्थित उक्त निजी कंपनी को अनुचित फायदा पहुंचाया गया। अवैध जरिए से प्रभाव का इस्तेमाल करने या संबंधित लोक सेवकों पर निजी प्रभाव डालने के लिए उन्होंने अवैध रिश्वत कबूल की।’ देवप्रीत ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों को कल सक्षम अदालत के सामने पेश किया जाएगा और उनकी हिरासत मांगी जाएगी।

पिछले तीन साल में मीडिया को दिए कई इंटरव्यू में त्यागी और उनके चचेरे भाई ने करार को प्रभावित करने के लिए किसी तरह की रिश्वत लेने के आरोपों से इनकार किया है। आरोपों को खारिज करते हुए पूर्व एयर चीफ मार्शल त्यागी ने कहा था कि शर्तों में बदलाव एक सामूहिक फैसला था जिसमें भारतीय वायुसेना, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल थे।

सीबीआई ने दावा किया था कि खेतान ने यूरोपीय बिचौलिये ग्विडो हैश्के और कालरे गैरोसा से पैसे लेने की बात कबूल की है। हालांकि, उसने यह भी कहा कि वह करार को प्रभावित करने के लिए लिया गया कमीशन नहीं था।

In this article